
इंडिया फ़र्स्ट ।
राजस्थान में गहलोत मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा समेत कुछ मंत्रियों की छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है. इसके संकेत खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में एक कार्यक्रम में दे दिए है. सीएम गहलोत ने शिक्षा विभाग के एक कार्यक्रम को मंत्री डोटासरा का विदाई कार्यक्रम बता दिया, लेकिन मुख्यमंत्री ने साथ में यह भी संकेत दे दिए कि मजबूत वे ही रहेंगे. जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में शिक्षक सम्मान समारोह चल रहा था. शिक्षा मंत्री गोविंंद सिंह डोटासरा के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे.
कार्यक्रम के दौरान सीएम गहलोत जैसे ही भाषण देने खड़े हुए मंत्री डोटासरा की ओर देखकर कहा कि शिक्षा मंत्री ने विदाई भाषण की तरह घोषणाएं कर डाली. सीएम गहलोत के इस संकेत को डोटसरा के शिक्षा मंत्री पद से छुट्टी और मंत्रीमंडल फेरबदल जल्द करने का संकेत माना जा रहा है.
शिक्षा मंत्री के साथ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं डोटासरा
गोविंद सिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री के साथ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं. मंत्री डोटासरा के साथ दो और मंत्रियों के पास संगठन में जिम्मेदारी है. स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा गुजरात कांग्रेस के प्रभारी हैं. वहीं हरीश चौधरी पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हैं. अब तीनों की मंत्री पद से छुट्टी मानी जा रही है. संभावित फेरबदल में खुद डोटासरा ने भी हटने के संकेत दिए. उन्होंने कहा कि संगठन में अधिक काम है. संगठन उनकी प्राथमिकता है.
राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर एक सप्ताह पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. गहलोत तब सिर्फ विस्तार चाहते थे. किसी मंत्री की छुट्टी नहीं, लेकिन सीएम गहलोत के मिलने के दूसरे दिन सोनिया गांधी से सचिन पायलट भी मिले. पायलट मंत्रिमंडल में फेरबदल और सत्ता और संगठन में दो पद वाले मंत्रियों की छुट्टी की मांग कर आए. तब से पेंच फंसा हुआ है.
माना जा रहा है कि सचिन पायलट ने सोनिया गांधी से मिलकर कहा कि 2023 को ध्यान में रखकर सत्ता और संगठन दोनों में बिना किसी भेदभाव के बदलाव किए जाने चाहिए. सरकार में अलग-अलग क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाले वरिष्ठ और अनुभवी विधायकों को मौका मिलना चाहिए. खास तौर पर दलित समुदाय से मंत्रिमंडल में अधिक भागीदारी की सचिन पायलट ने वकालत की है.
indiafirst.online