फिल्मों में इतिहास से छेड़छाड़, और पैसे कमाने के लिये, किसी भी समुदाय की भावना से खिलवाड़…ये शगल बन गया है ..कुछ ऐसे फिल्मकारों का…जो सिर्फ…एक डिस्क्लेमर लगाकर…भारतीय जनमानस का मज़ाक उड़ाने को …अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क़रार देते है। ऐसे ही एक फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने, भारतीय वीरांगना पद्मावती पर एक फिल्म बनाई डाली है…जिसे हिन्दू समाज का बड़ा तबक़ा विरोध कर रहा है। क्या ऐसी फिल्मे दूसरे समुदाय के खिलाफ़ बनाकर भी रिलीज़ की जा सकती है…और क्या इतिहास से छेड़छाड़ करने की , किसी को भी इजाज़त दी जा सकती है। इन तमाम सवालो को ढूंढ़ती …देखिये हमारी ये ख़ास रिपोर्ट ।
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