
रायपुर। प्रदेश के सत्ता में इन दिनों ठीक नहीं चल रहा है। स्थिति ये है कि स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव की जानकारी के बगैर ही CM सचिवालय से निर्णय लिए जा रहे हैं। TS सिंहदेव ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े CM के एक फैसले पर अपनी असहमति जता दी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इस बारे में उनसे किसी ने चर्चा भी नहीं की है।
सिंहदेव ने कहा, “मैं इससे सहमत नहीं हूं
सोमवार रात अपने निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में ऐसे किसी फैसले से अपनी असहमति जता दी। उन्होंने कहा, “मैं इससे सहमत नहीं हूं। मुझसे किसी ने इसपर चर्चा भी नहीं की है। मैं शुरू से यूनिवर्सल हेल्थ केयर की बात करता रहा हूं। अंग्रेजी के शब्द हैं तो शायद लोगों तक पहुंच नहीं पाता। लेकिन सभी नागरिकों को सरकार के बजट से, पब्लिक मनी से नि:शुल्क उपचार हो मैं इसका पक्षधर हूं। हम यह कहते हैं सरकारी तंत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए पैसों की कमी आती है। वहीं दूसरी ओर हम निजी क्षेत्र को अगर पैसा देने को तैयार हैं। यदि निजी क्षेत्र नि:शुल्क काम करेगा तो फिर ठीक है। कोई दिक्कत नहीं है। ’ TS सिंहदेव ने कहा, “मेरी जब भी विभाग में बात हुई तो यही हुई है कि हमें पब्लिक सेक्टर को मजबूत करना है। जब हमारे पास पैसे की कमी है, उस स्थिति में प्राइवेट सेक्टर को पैसे देना जिसमें वे पब्लिक से पैसे लेकर उपचार करें यह मेरे समझ में उचित नहीं है।’ TS सिंहदेव का यह रुख निजी क्षेत्र को अनुदान देने की योजना को प्रभावित कर पाता है या नहीं यह तो कुछ समय बाद पता चलेगा, लेकिन उनके इस बयान ने विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा जरूर दे दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव ने कहा, सोचने वाली बात है जो विशेषज्ञ चिकित्सक रायपुर राजधानी नहीं छोड़ना चाहते हैं वह सुकमा में जाकर काम करेंगे? दूर-दराज के गांवों में, सिलगेर जैसे गांव में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर जाकर बैठेगा? TS सिंहदेव ने कहा, पता नहीं यह किस ग्रामीण क्षेत्र के परिपेक्ष्य में बात आई है।