UP Election 2022: पूर्वांचल की 156 सीटें तय करेंगी विधान सभा चुनाव में हार-जीत

इंडिया फर्स्ट न्यूज़ ब्यूरो | लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है. यूपी की सत्ता में काबित होने के लिए पूर्वांचल (Purvanchal) काफी अहम है और यहां कि 156 सीटें ही तय हार-जीत करेंगी. इसलिए सभी पार्टियों का फोकस पूर्वांचल पर है. कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) यूपी में अपने पहले दौरे की शुरुआत पूर्वांचल के वाराणसी से पीएम मोदी अपना यूपी दौरा शुरू कर रहे हैं. बता दें कि पीएम मोदी वाराणसी से ही सांसद हैं और 2014 के लोक सभा चुनाव से ही पूर्वांचल में बीजेपी की पकड़ मजबूत हो चुकी है. 2017 के विधान सभा चुनाव और 2019 के लोक सभा चुनाव में भी बीजेपी का पूर्वांचल से अच्छा प्रदर्शन रहा.

पूर्वांचल के कुछ जिलों में समाजवादी पार्टी (SP) का भी अच्छा खासा असर है और कुछ सीटों पर बीएसपी का वोट भी अच्छा है. पूर्वांचल ही यूपी की छोटी पार्टियों की भी प्रयोगशाला है और इनमें अपना दल (एस), निषाद पार्टी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और जनवादी पार्टी शामिल हैं. फिलहाल निषाद पार्टी और अपना दल (एस) बीजेपी के साथ गठबंधन में हैं. वहीं जनवादी पार्टी का सपा से गठबंधन है तो सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी फिलहाल ओवैसी के साथ दिखाई दे रही है, जो पहले बीजेपी की सहयोगी पार्टी थी.2022 में बीजेपी पूर्वांचल में पूरी ताकत झोंकना चाहती है, इसलिए केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार पूर्वी यूपी से 2 चेहरों अनुप्रिया पटेल और पंकज चौधरी को जगह दी गई. जबकि पूर्वी यूपी से महेंद्रनाथ पाण्डेय, स्मृति ईरानी और राजनाथ सिंह केंद्र सरकार में पहले से मंत्री हैं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी पूर्वांचल के गोरखपुर से आते हैं और पीएम मोदी भी पूर्वांचल के वाराणसी से सांसद हैं. पूर्वांचल के 26 जिलों में लोक सभा की 29 सीटें हैं और 2019 के लोक सभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) पर नजर डालें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 22 सीटों पर कब्जा किया था. चुनाव में समाजवादी पार्टी और बसपा गठबंधन को 6 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी |

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