रेत खनन को लेकर अक्सर विपक्ष के निशाने पर रही शिवराज सरकार ने इस मामले में अहम फैसला लेते हुए रेत खनन नीति 2017 पारित कर दी है जिसके तहत पंचायतों को जवाबदेह और कर्ताधर्ता बनाया गया है…
शिवराज कैबिनेट ने आज रेत खनन के मुद्दे पर अहम फैसला लेते हुए नई रेत खनन नीति पारित की है जिसके तहत रेत की खरीद फरोख्त अब पंचायतों के जरिए होगी…नई नीति के मुताबिक कोई भी शख्स केयोस्क के जरिए निर्धारित रॉयल्टी अदा कर उसकी रसीद सरपंच या पंचायत के जिम्मेदार को दिखाकर रेत खनन कर सकेगा…नई नीति का मकसद आम जनता को वाजिब कीमत पर रेत उपलब्ध कराना है…जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रेत की उपलब्धता आसान बनाकर उसका फायदा आम आदमी को देने के लिए ये फैसला लिया गया है…नई नीति के मुताबिक रेत खनन के लिए पंचायत में जरूरी खानापूर्ती करने के बाद रेत परिवहन के लिए कहीं भी कोई शुल्क नहीं चुकाना होगा
कैबिनेट के अहम फैसलों में पोषण आहार के संबंध में स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाया जाएगा साथ ही अनुसूचित जाति जनजाति के छात्रावासों के युक्तियुक्तकरण का भी फैसला शिवराज सरकार ने लिया है…साथ रही वृद्धावस्था पेंशन योजना को लागू रखने का निर्णय लिया गया और प्रदेश के 7 नए मेडिकल कॉलेजों के 880 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का फैसला सरकार ने लिया है…पेंच के विस्थापितों को विशेष पैकेज देने का फैसला लिया गया…ब्यूरो रिपोर्ट इंडिया फर्स्ट न्यूज भोपाल
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