लखनऊ: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का UP कनेक्शन

इंडिया फर्स्ट न्यूज़।

विदेशी हथियारों का डील करने वाला लॉरेंस गैंग अब UP में ड्रग्स सप्लाई कर रहा, NIA की छापामारी में खुलासा

पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या और फिर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान की रेकी के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग सुर्खियों में आ गया। इस गैंग के शूटर्स का सुराग तलाशती राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) उत्तर प्रदेश तक पहुंची। लखनऊ, अयोध्या समेत 5 शहरों में छापेमारी हुई।सामने आया कि हथियारों की सप्लाई करने और सुपारी लेकर हत्याएं करने वाला लॉरेंस बिश्नोई गैंग अब ड्रग्स के धंधे में उतर चुका है। वेस्ट यूपी से लेकर पूर्वांचल तक किराए के शूटर्स का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया है। आज हम आपको इस गैंगस्टर का यूपी कनेक्शन बताने वाले हैं…लेकिन इससे पहले आपका लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में जानना जरूरी है।

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह अपनी क्राइम बेल्ट छोड़कर यूपी में कैसे और क्यों नेटवर्क बढ़ा रहा है? तिहाड़ जेल से ही कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और उगाही के जरिए करोड़ों का कारोबार करने वाले इस गिरोह की नजर नॉर्थ इंडिया के गोल्डन रिंग में शामिल यूपी पर है।NIA की छानबीन में सामने आया है कि ये गिरोह ड्रग्स और शराब की तस्करी में भी शामिल हो चुका है। इसके लिए यूपी के अलग-अलग छोटे माफिया और पैडलर्स को इस गिरोह में शामिल कर लिया गया है।

NIA की छापेमारी के बाद चर्चा में आया अयोध्या का विकास सिंह

पिछले दिनों NIA ने खुर्जा, अमेठी, लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, मेरठ और बागपत में लॉरेंस विश्नोई से जुड़े गैंगस्टर के यहां छापेमारी की थी। इसमें अयोध्या का विकास सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उसकी तलाश में NIA की एक टीम उसके लखनऊ गोमतीनगर विस्तार स्थित फ्लैट में छापेमारी की थी।जबकि वह अयोध्या शिवगढ़ स्थित अपने पैतृक घर पर मौजूद था। इसका पता चलने के बाद NIA की टीम ने अयोध्या पहुंची और करीब 2 घंटे तक पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक, लॉरेंस विश्नोई के 2 शूटर विधानसभा चुनाव के दौरान अयोध्या में 1 सप्ताह तक रुके थे। चर्चा है कि लॉरेंस इन्हीं के जरिए गोसाईंगंज से सपा विधायक अभय सिंह पर हमला करवाना चाह रहा था। जैसे कि अभय सिंह ने भी आरोप लगाए थे।

लॉरेंस विश्नोई ने खुद अपने इंटरव्यू में कहा था कि बुलंदशहर के खुर्जा का इमरान खुर्जे वाला उसका हथियार सप्लायर था। वह अपने भाई कुर्बान के साथ काम करता था। उसने ही गैंग में एके-47 की सप्लाई की थी। उसके साथ ही नेपाल से दिल्ली तक हथियार लाया था।NIA ने भी उसके सप्लायर रिश्तेदार याहया के घर छापेमारी की थी। चर्चा है कि उसने ही सिद्धू मूसेवाला मर्डर में हथियार सप्लाई किए थे। इमरान अपने भाई कुर्बान अंसारी की मौत के बाद पूरा कारोबार अपनी खुर्जा स्थित सिरेमिक फैक्ट्री की आड़ में चला रहा था। जिसमें इलेक्ट्रॉनिक स्विच बनते थे।कुर्बान और उसके भाई रेहान को अगस्त, 2016 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक करोड़ रुपए कीमत की 10 विदेशी पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने ये हथियार पाकिस्तान से मंगवाए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 12 साल पहले कुर्बान ने सिरेमिक फैक्ट्री शुरू की थी। जिसमें कुर्बान के दोनों बेटे रेहान और नदीम अंसारी हाथ बंटाते थे।शुरुआती दौर में फैक्ट्री की आड़ में देसी कट्‌टा और पिस्टल को दिल्ली NCR में सप्लाई करते थे। इसके बाद लॉरेंस से जुड़ कर अपना नेटवर्क देश भर में बनाना शुरू कर दिया। जिसके बाद बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान से विदेशी हथियार ड्रोन से लाए जाने लगे।

NIA ने पीलीभीत के माधौपुर गांव में दिलबाग सिंह के घर छापेमारी की। दिलबाग का बेटा आजाद सिंह पंजाब जेल बंद है। वह लॉरेंस ग्रुप के साथ मिलकर ड्रग और हथियार का सप्लाई करता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पंजाब जेल में बंद आजाद सिंह के पिता पंजाब के रहने वाले थे।उन्होंने 2006 में पूरनपुर के गांव अभयपुर माधौपुर में जंगल किनारे अपना घर बनाया था। जहां आजकल कोई नहीं रहता है। उसकी देखरेख राजेंद्र सिंह नाम का युवक करता है। आजाद सिंह पंजाब के नेशनल कबड्डी खिलाड़ी की हत्या के बाद NIA के रडार पर आया। बताया जा रहा है, जेल में रहने के दौरान वह लॉरेंस ग्रुप से जुड़ा और नेपाल रास्ते से आने वाले हथियार और ड्रग डीलिंग का काम करने लगा। indiafirst.online

 

 

Comments are closed.

Check Also

UP FIRST . Lucknow Green Corridor Road Collapses Just Two Days After Inauguration .

INDIA FIRST . LUCKNOW . ABHISHEK YADAV A shocking incident has come to light from Lucknow,…