ग्रामीणों को शिवराज सरकार देगी Free में प्लॉट, ऑर्डर जारी, ऐतिहासिक फैसला

इंडिया फ़र्स्ट ।

भोपाल. देश में जमीन का हक दिलाने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य बन गया है. इसके तहत अब ग्रामीणों को सरकार फ्री में प्लॉट उपलब्ध कराएगी. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस भू-अधिकार योजना के मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. मंत्री मिश्रा शुक्रवार को निवास पर मीडिया से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस योजना में ग्रामीणों इलाके के पात्र लोगों को लाभ मिलेगा. पात्र व्यक्ति के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर सभी व्यवस्था की गई. भू अधिकार योजना उन लोगों के लिए करारा जवाब है जो हम पर जेब में नारियल लेकर चलने का आरोप लगाते हैं.

सरकार पर सवाल उठाने को लेकर गृह मंत्री मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ अपना एक काम गिना दें जो उन्होंने 15 महीने में पूरा किया हो. कांग्रेस अपने घोषणापत्र का एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई. मुंह चलाना अलग बात है और काम करना अलग बात है. हमें कमलनाथ की नहीं जनता के सर्टिफिकेट की जरूरत है. दो नवंबर को जनता बता देगी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की और तत्काल भू अधिकार योजना के आदेश भी जारी हो गए.

पटाखों को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि देश और प्रदेश में अपनी-अपनी आस्था के हिसाब से हर त्योहार को मनाने की आजादी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिश्रा ने भाईजान कहा. उन्होंने कहा राहुल भाईजान जो गुजरात में जाते हैं तो जनेऊ पहन लेते हैं, कश्मीर में कश्मीरी पंडित हो जाते हैं और केरल में जाते ही वो टोपी लगा लेते हैं. उन्होंने कश्मीर में हिंदुओं की हत्या पर एक भी शब्द नहीं बोला. यही वजह है कि राहुल गांधी को प्रशांत किशोर समझाने की कोशिश कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने की जमीन देने की घोषणा

बता दें, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को निवास से इसके आदेश जारी किए. इससे प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनने का रास्ता खुल जाएगा. इस भूखंड का अधिकार पत्र पति-पत्नी के संयुक्त नाम से होगा. इस भूखंड का ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रफल 60 वर्गमीटर होगा. आदेश में कहा गया है कि परिवार से आशय पति-पत्नी और उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री होंगे. संबंधित गांव के निवासी ही वहां आवेदन कर सकेंगे.

इन्हें रखा गया योजना के बाहर

पात्र परिवारों की ग्रामवार सूची को लेकर संबंधित ग्रामवासियों से आपत्तियां एवं सुझाव मंगाए जाएंगे. इसके बाद ही सूची प्रकाशित की जाएगी. उन परिवारों को इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा, जिनके पास स्वतंत्र रूप से रहने के लिए आवास, 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है. जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान से राशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं हैं, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा गया है. अगर संबंधित परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता या परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में है, तो उसे भी जमीन नहीं मिलेगी.

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