MP POLITICS: सिंधिया समर्थक मंत्री ने खोला शिवराज सरकार के मुख्य सचिव के खिलाफ मोर्चा- कहा निरंकुश है प्रशासन – देखिये वीडियो

इंडिया फर्स्ट। भोपाल।
मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक और शिवराज सरकार में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया (mahendra singh sisodiya ) ने एक बड़े बयान ने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है। मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस (iqbal singh bais ) को निरंकुश प्रशासक करार दे डाला है। ( देखिये वीडियो )

सीएम शिवराज को नही सिंधिया को लिखा पत्र
इससे पहले पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने अपने प्रभार वाले ज़िले शिवपुरी में पुलिस अधीक्षक की कार्यप्रणाली से नाराज़ होकर, मुख्यमंत्री को नही बल्कि अपने आका ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर हड़कंप मचा दिया। इससे
लगता है पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया को मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं है. मंत्री सिसौदिया ने एसपी द्वारा उनसे पूछे बगैर थाना प्रभारियों के ट्रांसफर पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है. इस पत्र से एक बार सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या सिंधिया समर्थक मंत्रियों को शिवराज सरकार पर भरोसा नहीं है. ( देखिये पत्र )

सीएम व गृह मंत्री को नहीं भेजी प्रतिलिपि :
मंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर मेरे कार्यालय को सूचित करें. खास बात यह है कि मंत्री ने इस पत्र की प्रतिलिपि सिर्फ दो लोगों को दी है. पहली निज सचिव नागरिक उड्डयन मंत्री एवं इस्पात मंत्री सिंधिया, जिनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है. दूसरी, अपर मुख्य सचिव गृह मंत्रालय भोपाल. बता दें कि आईपीएस अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अुनमोदन से होते हैं. लेकिन मंत्री सिसौदिया ने इस मामले में न तो मुख्यमंत्री को प्रतिलिपि भेजी है और न प्रदेश के गृह मंत्री को.

क्या मप्र भाजपा में सबकुछ ठीक ?
हालांकि अपने बयान में मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा करते नज़र आ रहे है लेकिन पर्दे के पीछे के जानकारो की माने तो मप्र भाजपा में अंदर ही अंदर कुछ उबल रहा है। मंत्रियों के कार्य अधिकारियों द्वारा नही किये जाना अब आम हो चला है। चुनाव अगले साल है और जनता के बीच मंत्रियों को अपने कार्यों का रिपोर्ट कॉर्ड लेकर जाना है। ऐसे में अधिकारियों की मनमानी उनके राजनीतिक अस्तित्व पर ख़तरा बन सकती है। मंत्री सिसोदिया ने जो खुलकर विरोध किया है वो कमोबेश सभी मंत्रियों का दर्द है । ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिये ये ख़तरे की घंटी से कम नही है। ऐसे समय में जब प्रदेश में मुख्यमंत्री के चेहरे को बदलने की सुगबुगाहट रह रह कर उठती रही है उसके बीच मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया का ये बयान,बड़ी सियासी सरगर्मी और समीकरणों का सबब बन सकता है। देखना दिलचस्प होगा की भाजपा संगठन अपने मंत्री के इस बयान को किस तरह लेता है। कांग्रेस को हालांकि जरुर बैठे बिठाये एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। indiafirst.online

Comments are closed.

Check Also

शेख हसीना लगातार चौथी बार बांग्लादेश की PM बनेंगी

इंडिया फर्स्ट | ढाका | चुनाव में अवामी लीग ने 300 में से 204 सीटें जीतीं, सिर्फ 40% वोट पड…