
इंडिया फर्स्ट। विदिशा।
विदिशा में बोरवेल में गिरी ढाई साल की बच्ची को नहीं बचाया जा सका। 8 घंटे चले रेस्क्यू के बाद उसे बाहर निकाला गया। फिर एंबुलेंस से सिरोंज के अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर सुरेश अग्रवाल ने बताया कि बच्ची की मौत अस्पताल लाने के 3-4 घंटे पहले ही हो चुकी थी। जब बच्ची को बाहर निकाला तो उसके हाथ पैर में अकड़न आ चुकी थी। सामान्य तौर पर किसी की मौत के बाद ऐसा 10-12 घंटे में होता है, लेकिन गीली मिट्टी की वजह से बच्ची की मौत के बाद उसकी बॉडी में अकड़न आ गई। इससे ऐसा माना जा रहा है कि बच्ची की मौत बोरवेल के अंदर ही हो चुकी थी।
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