
इंडिया फर्स्ट न्यूज़| Wipro के स्टाफ के बीच इस वजह से कोई नेगेटिव मैसेज नहीं जाए, इसलिए विप्रो के चेयरमैन रिषद प्रेमजी (Rishad Premji) ने मार्च 2023 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए अपनी सैलरी में 50 फीसदी कटौती करने का फैसला किया है|
विप्रो लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष एमेरिटस अजीम प्रेमजी के बेटे रिशद प्रेमजी 2007 में कंपनी में शामिल हुए और मई 2015 में बोर्ड के सदस्य बने| इसके बाद चीफ स्ट्रेटजी ऑफिसर के रूप में उन्होंने विप्रो के विलय और अधिग्रहण की रणनीति का नेतृत्व किया और विप्रो वेंचर्स की स्थापना की, उन्हें 31 जुलाई, 2019 को पांच साल की अवधि के लिए कंपनी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था|
भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो ने इस साल अपने स्टाफ के वेरिएबल पे में कटौती करने का फैसला किया है, आईटी कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ में कमी आने की वजह से विप्रो लागत बचाने पर काम कर रही है, विप्रो ने अब तक हालांकि बहुत ज्यादा स्टाफ की छुट्टी नहीं की है और फ्रेशर की सैलरी कम कर दी है| इसके साथ ही विप्रो ने यह सूचना दी थी कि इस साल उसके स्टाफ को वेरिएबल पे का 80 फीसदी हिस्सा ही मिलने वाला है| Wipro के स्टाफ के बीच इस वजह से कोई नेगेटिव मैसेज नहीं जाए, इसलिए विप्रो के चेयरमैन रिषद प्रेमजी (Rishad Premji) ने मार्च 2023 में समाप्त वित्त वर्ष के लिए अपनी सैलरी में 50 फीसदी कटौती करने का फैसला किया है|
आईटी प्रमुख विप्रो का रिजल्ट इस बार मन-मुताबिक नहीं रहा है, वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट 0.4 फीसदी की गिरावट के साथ 3,074.50 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 3,087.30 करोड़ रुपये था| वहीं, इस तिमाही के लिए रेवेन्यू एक साल पहले की तिमाही में 20,860 करोड़ रुपये की तुलना में 11.17 फीसदी बढ़कर 23,190.30 करोड़ रुपये हो गया|रिषद प्रेमजी (Rishad Premji) को मिलने वाले वेतन में कैश बोनस भी शामिल था, लेकिन वित्त वर्ष 2023 में उन्हें कोई स्टॉक ऑप्शन नहीं दिया गया था, विप्रो लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में रिषद प्रेमजी का मौजूदा पांच साल का कार्यकाल 30 जुलाई 2024 को समाप्त होने वाला है|
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