मप्र के हरदा में पिछले साल, सहकारी समितियों में उर्वरको की सप्लाई की गई थी। समितियों से ये उर्वरक खरीदकर किसानो ने खेत में डाली थी….लेकिन इन उर्वरको ने फायदे की जगह..किसानो को नुकसान पहुंचा डाला। जांच में पाया गया कि कंपनियो द्वारा सप्लाई की गई ..ये उर्वरक अमानक थी।
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