
इंडिया फ़र्स्ट ब्यूरों। सीपीआई नेता और जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार CPI को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. कल ही राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता दिलाई है. कांग्रेस में शामिल होने के बाद कन्हैया कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है. एक तरफ जहां कुछ कांग्रेसी नेता ही दबी जुबान में इसका विरोध कर रहे हैं तो वहीं भाजपा नेता कन्हैया कुमार पर लगातार तंज कस रहे हैं और कांग्रेस पर भी छींटाकशी कर रहे हैं
भाजपा नेता ने कसा तंज-गटर से निकल नाले में गिरे
इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान सामने आया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोई गटर से निकल कर नाले में गिरता है तो मैं कुछ नहीं कर सकता. विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसे लोगों के लिए मैं सिर्फ सहानुभूति ही जता सकता हूं.
‘भारत विरोधी विचारधारा वाले कांग्रेस में ही शामिल होंगे‘
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “यह स्वाभाविक और स्पष्ट है कि कांग्रेस उन सभी लोगों की पहली पसंद होगी जिनकी विचारधारा भारत विरोधी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विभाजनकारी और भारत विरोधी विचारधारा है और इसलिए वह कन्हैया कुमार जैसे नेताओं का स्वागत कर रही है। भाटिया ने कहा, “कांग्रेस पार्टी, उसका नेतृत्व और उसकी विचारधारा भारत विरोधी और विभाजनकारी ताकतों का पर्याय बन गई है और इसलिए वह कन्हैया कुमार जैसे नेताओं का स्वागत कर रही है।”
कांग्रेस बचेगी, तभी देश बचेगा- कन्हैया
मंगलवार को कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर कन्हैया कुमार ने कहा कि करोड़ों नौजवानों को लगने लगा है कि कांग्रेस नहीं बचेगी, तो देश भी नहीं बचेगा और ऐसे में वह लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कांग्रेस में शामिल हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में वैचारिक संघर्ष को कांग्रेस ही नेतृत्व ही दे सकती है।
उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मुझे महसूस होता है कि इस देश की सत्ता में एक ऐसी सोच के लोग काबिज हैं, जो इस देश की चिंतन परंपरा, संस्कृति, इसके मूल्य, इतिहास और वर्तमान को खत्म कर रहे हैं। इस सोच से लड़ना है, देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी में इसलिए शामिल होना चाहते हैं क्योंकि यह पार्टी नहीं बचेगी, तो देश नहीं बचेगा।” indiafirst.online