
इंडिया फर्स्ट । अजमेर।
एक दिन पहले यानी बुधवार को उदयपुर से एक मामला सामने आया। जो था शहर के सबसे बड़े जगदीश मंदिर का। यहां मंदिर प्रबंधन की ओर से निर्णय लिया गया कि शॉर्ट टी शर्ट, शॉर्ट जींस, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट जैसी ड्रेस में आपको एंट्री नहीं मिलेगी।
मंदिर के बाहर पोस्टर लगा मैसेज भी लिखा था-
सभी भक्तों को सूचित किया जाता है कि जगदीश मंदिर परिसर में शॉर्ट टी शर्ट, शॉर्ट जींस, बरमुंडा, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट आदि पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कृपया इस नियम का विशेष ध्यान रखें। ऐसा करने पर मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
अब इस मुद्दे पर कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने सवाला उठाते हुए चुप्पी तोड़ी। प्रदीप मिश्रा ने कहा- मंदिरों में भगवान कपड़े नहीं भाव और श्रद्धा देखते है। मिश्रा ने मंदिरों में कपड़ों को लेकर चल रहे विवाद को विधर्मियों की चाल बताया है। इतना ही नहीं उन्होंने मंदिर ड्रेस कोड विवाद की तुलना रावण से भी की है।
तीर्थ नगरी पुष्कर में ब्रह्म शिव पुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार को दूसरे दिन तेज गर्मी और भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं ने कथा सुनी।कथावाचक मिश्रा ने मंदिर में ड्रेस कोड विवाद को विधर्मियों की चाल बताया। उन्होंने कहा कि विधर्मी हिंदू धर्म की नई पीढ़ी को धर्म से विमुख करने का प्रयास कर रहे हैं।
कथा में वे बोले- विधर्मी लोग युवा पीढ़ी को मंदिर जाने से रोकना चाहते हैं। यदि भाषा, संस्कृति और कपड़ों के आधार पर मंदिर में प्रवेश पर पाबंदी लगी, तो नई पीढ़ी मंदिर दर्शन करने नहीं जाएगी और, विधर्मियों की चाल कामयाब हो जाएगी।
फिर इन्हें दूसरे धर्म में भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे व्यक्ति ही हमारे होकर भी विधर्मियों की चाल को नहीं समझ पाते।
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