मप्र के जबलपुर में बना देश का पहला किड्स फ्रेंडली वैक्सीनेशन सेंटर

इंडिया फर्स्ट ।

जबलपुर स्मार्ट सिटी ने मनमोहन नगर में किड्स फ्रेंडली कोविड वैक्सीनेशन सेंटर बनाया है। दो कमरे वाले इस भवन को चटख गाढ़े रंगों से सुंदर तस्वीरों के माध्यम से रंगा गया है। एक कमरे में जहां वैक्सीनेशन होगा। वहीं, दूसरे कमरे में बच्चे खिलौनों के साथ प्रतीक्षा वाला आधा घंटा गुजारेंगे। संभवत: यह देश का पहला किड्स फ्रेंडली कोविड वैक्सीनेशन सेंटर है। सीएम शिवराज सिंह ने सोशल मीडिया में पोस्ट के माध्यम से इस सेंटर की तस्वीर साझा की है।

कोविड की तीसरी लहर की आशंका के बीच एक राहत वाली खबर ये आई है कि भारत बायोटेक की को-वैक्सीन 02 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए भी प्रभावी है। इसका ट्रायल सफल रहा है। इसके डाटा को SEC और ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को सौंप दिया गया है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो जाएगा। वैक्सीनेशन के इस स्तर तक पहुंचने से पहले बच्चों के लिए वैक्सीन सेंटर बनाया जाना अहम होगा।

जबलपुर ने देश को दिखाई राह

इसकी राह जबलपुर की स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने दिखाई है। मुख्यमंत्री ने इस तरह के सेंटर दूसरे जिलों में भी खोलने का वहां के हालात के मुताबिक सुझाव दिया है। हर जिले में इस तरह की कार्ययोजना बनाने के लिए वहां की जिला क्राइसिस मैनेजमेंट को निर्देश दिए हैं। इस भवन और परिसर को आकर्षक चटख रंगों से कलर किया गया है। वैक्सीनेशन कमरे का भी लुक ऐसा रखा गया है कि बच्चों का इंजेक्शन को लेकर डर दूर भाग जाए। यहां बच्चाें के खिलौने भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए गए हैं। कार्टून कैरेक्टर से लेकर पार्क तक तैयार किया गया है।

इस तरह रंगों का किया गया इस्तेमाल

सेंटर की बिल्डिंग में किड्स जोन बना है। यहां बच्चों के लिए कई तरह के खिलौने रहेंगे। सैनिटाइजर रखा गया है। सैनिटाइज होकर इंजेक्शन लगवाने के बाद खेल सकेंगे। भवन के बाहरी दीवारों को चटख पीला और नीला लुक दिया गया है। हालांकि अभी बच्चों के वैक्सीनेशन की तारीख का ऐलान होना बाकी है। वैक्सीनेशन में 12 साल तक के बच्चों को प्राथमिकता मिलेगी। हर सेंटर पर अभिभावक बूथ बनाने की तैयारी है।

अभी बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए ये चल रही कवायद
  • भारत बायोटेक कंपनी ने बच्चों के लिए तैयार हुए को-वैक्सीन का ट्राॅयल डाटा SEC और डीसीजीआई को सौंपा है।
  • डीसीजीआई ने कुछ जांच और परख के बाद मंजूरी दे दी है। जल्द ही बच्चों के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।
  • बच्चों को 28 दिन में 2 डोज लगाई गई। ट्रायल में वैक्सीन को बच्चों पर अधिक असरदार पाया गया। और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं मिला।
  • वैक्सीन की मंजूरी मिलने से पहले बड़ी मात्रा में उत्पादन शुरू कर दिया गया है। बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए हेल्थ विभाग को डाटा तैयार करने का निर्देश जारी किए हैं।
  • पहले चरण में ऐसे बच्चों को वैक्सीन लगाई जा सकती है, जो गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, अस्थमा या हार्ट से संबंधी किसी समस्या से परेशान हैं।

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