दिग्विजय,बोले- मैं ममता का प्रशंसक, लेकिन जो हो रहा वह डरावना

इंडिया फर्स्ट । भोपाल।

 

दिग्विजय सिंह ने पश्चिम बंगाल में जारी हिंसा की घटनाओं पर कहा कि बंगाल में पंचायत चुनाव में जो हो रहा है वह भयावह है। मैं ममता के धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रशंसक रहा हूं, लेकिन जो हो रहा है वह अक्षम्य है। वह हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में छिटपुट विरोध प्रदर्शन और चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं जारी रहने के पर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। दिग्विजय सिंह ने इन घटनाओं को अक्षम्य बताते हुए ट्विटर पर लिखा कि बंगाल में पंचायत चुनाव में जो हो रहा है वह भयावह है। मैं ममता के धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रशंसक रहा हूं, लेकिन जो हो रहा है वह अक्षम्य है। हम जानते हैं कि आपने सीपीएम शासन में इसी तरह की स्थिति का बहादुरी से सामना किया था लेकिन अब जो हो रहा है वह हमारे लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।

बता दें, कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की टिप्पणी तब आई है जब राज्य चुनाव आयोग ने रविवार को घोषणा की कि बंगाल पंचायत चुनाव के लिए 696 बूथों पर सोमवार को पुनर्मतदान होगा, जहां ग्रामीण चुनाव के लिए मतदान शून्य घोषित कर दिया गया है। शनिवार को हिंसा से प्रभावित पंचायत चुनावों में, लोगों ने 2.06 लाख उम्मीदवारों के लिए 61,636 बूथों पर वोट डाले थे, जो राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत प्रणाली की 73,887 सीटों के लिए चुनाव मैदान में थे। एक अधिकारी ने कहा कि एसईसी ने रविवार शाम को एक बैठक की, जिसमें वोट से छेड़छाड़ और हिंसा की खबरों पर गौर किया गया, जिससे कई जगहों पर मतदान प्रभावित हुआ और आदेश पारित किया गया।

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्य के कई जिलों में हुई हिंसा में कांग्रेस, भाजपा और वाम दलों के शामिल होने का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में रविवार को पंचायत चुनावों में हुई हिंसा और अनियमितताओं के आरोपों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। 20 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान करीब 18 लोगों के मारे जाने के एक दिन बाद सभी राजनीतिक दलों ने आरोप लगाया कि रविवार को उत्तर और दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में छिटपुट हिंसा जारी रही। शनिवार को हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई, जिससे 9 जून से लेकर अब तक मरने वालों की संख्या 38 हो गई है। indiafirst.online

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