#MP FIRST भोपाल के बालिका गृह की 11 लड़कियों की तबीयत बिगड़ी

इंडिया फर्स्ट। भोपाल।

दो किशोरियों ने बताया- पानी में कुछ मिलाकर पिलाया; एक ICU में भर्ती
भोपाल में नेहरू नगर स्थित बालिका गृह में रह रहीं 11 लड़कियों की शनिवार देर रात तबीयत खराब हो गई। उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने पर इन्हें जेपी अस्पताल में भर्ती किया गया। इनमें से 4 नाबालिग हैं। अस्पताल स्टाफ ने बच्चियों को अलग-अलग वार्ड में भर्ती किया है।

ऐसी भी जानकारी सामने आ रही है कि बच्चियों की तबीयत जहरीला पदार्थ खाने के बाद बिगड़ी है। जेपी अस्पताल के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर डॉ. सत्यवान मोड़िया के मुताबिक, ‘बीमार किशोरियों में शामिल दो बच्चियों ने पूछताछ में बताया कि बालिका गृह में रह रहीं दो दूसरी बच्चियों ने पानी में कुछ मिलाया था। इस पानी को पीने के 10 – 15 मिनट के बाद तेज पेट दर्द हुआ। उल्टी – दस्त की शिकायत हुई। कुछ लड़कियां बेहोश भी हो गईं।’

डॉक्टर सत्यवान मोड़िया ने बताया कि एक किशोरी को ICU में भर्ती किया है। सभी 11 किशोरियों की उल्टी, यूरिन और पेट के पानी का सैंपल लिया गया है। इन सभी सैंपल की जांच टॉक्सिकोलॉजी लैब में पुलिस कराएगी। इसके लिए सभी 11 किशोरियों के सैंपल हबीबगंज पुलिस को दिए गए हैं।

बच्चियों के पूरी तरह ठीक होने के बाद बातचीत करेंगे
ACP चंद्रशेखर पांडेय ने बताया कि खाना खाने के बाद बच्चियों ने पानी पीया, इसके बाद ही उन्हें पेट दर्द की शिकायत हुई। तीन-चार बच्चियों को उल्टियां हुईं। प्यारे मियां से जुड़ा केस है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल तो ऐसा नहीं है। बच्चियों ने कोई आरोप नहीं लगाए हैं। उनकी स्थिति नॉर्मल होने का इंतजार है, इसके बाद उनसे बातचीत करेंगे। बालिका गृह में कुल 35 बच्चियां हैं।

दो बच्चियों ने पानी में कुछ मिलाया?
बाल कल्याण समिति भोपाल की सदस्य मीना शर्मा ने बातचीत में कहा, ‘जिस पानी की बोतल से बच्चियों ने पानी पीया, उसे सैंपल के लिए लिया गया है।’ बालिका गृह में आरओ और बोरिंग का पानी आने के सवाल पर बोलीं, ‘आरओ का पानी खत्म होने पर बोरिंग का पानी यूज करते हैं।’ दो बच्चियों ने डॉक्टर को बताया है कि दूसरी बच्चियों ने पानी में कुछ मिला दिया? इस सवाल पर कहा, ‘ऐसी कोई जानकारी नहीं है। जानकारी मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।’

अभी बच्चियों ने ऐसा कुछ नहीं बताया
मध्यप्रदेश बाल आयोग की सदस्य निवेदिता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, ‘बच्चियों से शुरुआती बात की तो उन्होंने यही बताया कि खाना खाने के बाद जो पानी पीया, उसी के बाद तबीयत बिगड़ी। जांच की जा रही है। बच्चियों से हम बार-बार बात कर रहे हैं। अभी तक उन्होंने ऐसा कोई स्टेटमेंट नहीं दिया, जिससे यह कहा जाए कि किसी ने पानी में कुछ मिलाया है।’

निवेदिता ने बताया, ‘ये वो बच्चियां हैं, जिनका कोई नहीं है, उन्हें देखरेख के लिए बालिका गृह में रखा गया है। या फिर ऐसी बच्चियां हैं, जो अपने घर से भागी हुई हैं। पॉक्सो विक्टिम और ऐसी भी हैं, जिन्हें परिवार ने छोड़ दिया। निर्भया आश्रम से भी इस बालिका गृह में दो बच्चियों को शिफ्ट किया गया है।’

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