मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से

इंडिया फर्स्ट | भोपाल |

आदिवासी उत्पीड़न, सतपुड़ा अग्निकांड जैसे मुद्दों पर विपक्ष होगा आक्रामक

मप्र विधानसभा का मंगलवार से मानसून सत्र शुरू हो रहा है। 15वीं विधानसभा का यह अंतिम सत्र है। इस सत्र के ठीक पहले मप्र के अलग-अलग इलाकों से आदिवासियों और दलितों के साथ हुई मारपीट और उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। मानसून सत्र में भी विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।

दिवंगत नेताओं को दी जाएगी श्रृद्धांजलि

मानसून सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रृद्धांजलि दी जाएगी। पूर्व विधायक मधुकर हर्षे, रमेश शर्मा का बीते दिनों निधन हो गया था। मानसून सत्र में इन्हें श्रृद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रतन लाल कटारिया और पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच को भी श्रृद्धांजलि दी जाएगी। इसके अलावा, 30 मार्च को इंदौर के बेलेश्वर मंदिर की बावडी धंसने से मृत लोगों को भी श्रृद्धांजलि दी जाएगी।

भनोट बोले- दमखम से उठाएंगे आदिवासी अत्याचार और भ्रष्टाचार का मुद्दा

मानसून सत्र को लेकर सोमवार रात विधायक दल की बैठक की। पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट ने बताया कि बैठक में सहमति बनी कि मानसून सत्र में उज्जैन में हुए महाकाल लोक घोटाले, सतपुड़ा भवन में लगी आग और हाल ही में सीधी में आदिवासी युवक के साथ हुए अत्याचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। तरुण भनोट ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता महंगाई बेरोजगारी और कुशासन से त्रस्त है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिर्फ झूठे वादे करते हैं और जनता की आकांक्षाओं पर यह सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है।

सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के सवाल पर भनोट ने कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की होती है। उन्होंने कहा कि हम भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाएंगे। आदिवासी अत्याचार का मुद्दा उठाएंगे। प्रदेश के ऊपर चढ़ते जा रहे कर्ज का मुद्दा उठाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष जी सुनिश्चित करें कि वह जनता के इन विषयों पर चर्चा करेंगे, तो सदन सुचारू रूप से चलेगा। विधानसभा सत्र में अनुपूरक बजट आने के सवाल पर भनोट ने कहा कि यह बजट जनता के कल्याण के लिए नहीं आ रहा अनुपूरक बजट इसलिए आ रहा है कि शिवराज सरकार 50 फीसदी एडवांस कमीशन ले सके और भ्रष्टाचार कर सके। indiafirst.online

 

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