राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का ग्वालियर दौरा आज

इंडिया फर्स्ट | ग्वालियर । 

राष्ट्रपति द्रौपदी आज ग्वालियर दौरे पर आएंगी। यहां पर वह जयविलास पैलेस म्यूजियम देखने जाएंगी। राष्ट्रपति के दौर को देखते हुए जयविलास पैलेस को खात तौर पर सजाया गया है। यहां पर राष्ट्रपति  मुर्मु विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी।

राष्ट्रपति आज महाराजा जीवाजीराव सिंधिया की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करने के बाद म्यूजियम की लाइनेज गैलरी, मराठा गैलरी, इंडस्ट्रीयल गैलरी व प्रदर्शनी सहित दरबार हॉल इत्यादि का अवलोकन करेंगीं।

राष्ट्रपति बॉयज हॉस्टल की रखेंगीं आधारशिला

इसके बाद मुर्मू IIITM के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। साथ ही राष्ट्रपति यहां स्लम एरियाज (मलिन बस्तियों) के 10 बच्चों को ट्रिपल आईटीएम के स्टूडेंट ज्ञान मूमेंट के तहत पुस्तकें भेंट करेंगीं. इसके साथ ही IIITM के बॉयज हॉस्टल की आधारशिला रखेंगीं।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को अब कुछ ही महीनों का समय बचा है। चुनाव में जीत के लिए सभी पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। हर वर्ग तक पहुंचने के लिए अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।

कार्यक्रम में सीएम भी रहेंगे मौजूद

PM नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ग्वालियर आ रही है। इस दौरान उनके साथ मप्र के सीए शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति मुर्मू प्रदेश के आदिवासी वर्ग को साधने में अहम रोल अदा कर सकती हैं।

हाल ही में सीधी पेशाब कांड और कई जिलों में आदिवासियों के साथ अत्याचार की घटनाएं सामने आई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ये दौरा इस वर्ग के प्रति सरकार की बिगड़ी छवि को सुधारने में मदद कर सकता है क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद आदिवासी समुदाय से आती हैं।

आदिवासी सीटों पर पड़ेगा प्रभाव

मध्य प्रदेश में करीब 22 प्रतिशत आदिवासी मतदाता हैं और राज्य की 230 विधानसभा सीट में से 82 सीटें SC-ST वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इनमें 47 सीट ST वर्ग और 35 सीट SC वर्ग के लिए रिजर्व हैं।

इन सीटों पर ये वर्ग निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिस कारण ये काफी अहम है। साल 2018 में BJP ने 84 में से सिर्फ 34 सीट पर जीत हासिल की थी। जबकि 2013 में  59 सीटों पर BJP जीती थी. ऐसे में पिछले विधानसभा चुनाव में हुए घाटे को BJP इस बार दोहराना नहीं चाहती है। indiafirst.online

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