कृषि मंत्री कमल पटेल के गृह जिले के गांव बन रहे कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी

इंडिया फर्स्ट। हरदा /भोपाल। मध्यप्रदेश में वार्ड स्तर से लेकर गांव- गांव में विकास यात्रा का दौर शिवराज सरकार और भाजपा संगठन चला रहा है। मंत्री और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में विकास रथ दौड़ाकर विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमि पूजन कर रहे हैं। विकास की इबारत गढ़ने के पीछे जहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8 साल का अमृत काल तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के 18 साल के विकासोंमुखी काम दिख रहे हैं।राजनीतिक पंडितों का मत है कि विकास यात्रा के माध्यम से भाजपा ने दो टारगेट चुनाव के पूर्व है। एक है विकास बनाम विनाश और दूसरा है भाजपा बनाम कांग्रेस का जनता के बीच जनाधार है।

इन दोनों ही टारगेट पर प्रयोग के तौर पर हरदा जिला दिख रहा है। हरदा जिले का प्रतिनिधित्व किसान नेता एवं कृषि मंत्री कमल पटेल करते हैं। कभी कांग्रेस का अभेद गढ़ रहे हरदा के रन्हाईकला गांव में सरकार के काम और मंत्री कमल पटेल का परिश्रम दिख रहा है। 2023 में सत्ता लाओ के तहत जनता की नब्ज पर हाथ रखते हुए भाजपा सरकार व संगठन का पैरामीटर टारगेट हरदा जिले के इस गांव में दिख रहा है। इस गांव में मंत्री पटेल जब अपनी बात रखते हैं और बताते हैं कि कांग्रेस के 60 साल बनाम भाजपा के 15 साल के तराजू पर खरा कौन उतरा? तो गांव वासी एक स्वर में कहते हैं मोदी और शिवराज सरकार के साथ भाजपा का कमल।

कृषि मंत्री कमल पटेल कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले गांव में सोमवार के दिन विकास यात्रा को लेकर पहुंचे तो उन्होंने अपना संबोधन दिया। संबोधन के पूर्व पूरा का पूरा गांव संकल्प लेकर कांग्रेस से मुक्त होते हुए भाजपा में शामिल होकर कमल ग्राम में तब्दील हो गया। प्रदेश में चुनाव के पूर्व यह गांव एक नजीर बन गया है। लेकिन मोदी विजन के साथ 2023 के विधानसभा चुनावों में गांव का कमल ग्राम बन जाना कांग्रेस पार्टी के लिए खतरे की घंटी है।

indiafirst.online

Comments are closed.

Check Also

Participated, Yet Never Claimed Credit: The Contribution of the Rashtriya Swayamsevak Sangh and Its Volunteers to India’s Freedom Struggle

INDIA FIRST . BHOPAL . KAILASH CHANDRA The history of India’s freedom movement is va…